बलिया में इंस्पेक्टर पन्नालाल पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, 1.20 करोड़ की ‘काली कमाई’ का खुलासा
बलिया।
जनपद में कानून व्यवस्था संभालने वाली वर्दी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रक चालकों से अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में घिरे इंस्पेक्टर पन्नालाल के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
विजिलेंस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच के दौरान पाया गया कि इंस्पेक्टर पन्नालाल के पास उनकी ज्ञात और घोषित आय के मुकाबले करीब 1.20 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति मौजूद है। यह अंतर इतना बड़ा है कि विभाग ने बिना देरी किए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई थी, जब ट्रक चालकों ने संगठित तरीके से अवैध वसूली की शिकायतें दर्ज कराईं। आरोप था कि हाईवे और चेकिंग के नाम पर उनसे जबरन पैसे वसूले जाते थे। शुरुआत में इन शिकायतों को सामान्य समझा गया, लेकिन जब लगातार कई शिकायतें सामने आईं तो मामला गंभीर हो गया। इसके बाद विजिलेंस विभाग ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की।
जांच के दौरान पन्नालाल की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और परिजनों के नाम पर की गई संपत्तियों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसी प्रक्रिया में आय और संपत्ति के बीच भारी अंतर उजागर हुआ, जिसने पूरे मामले को एक बड़े भ्रष्टाचार प्रकरण में बदल दिया।
बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम अब इस मामले में और गहराई से छानबीन कर रही है। जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है, जिसमें यह भी देखा जाएगा कि क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य पुलिसकर्मी या बाहरी लोग भी शामिल थे। यदि ऐसा पाया जाता है, तो आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आम जनता के बीच यह चर्चा है कि अगर समय रहते इस तरह की शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई होती, तो शायद मामला इतना बड़ा न बनता। वहीं, कुछ लोग इसे सरकार और विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मान रहे हैं।
फिलहाल, विजिलेंस विभाग का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साफ है कि इंस्पेक्टर पन्नालाल के खिलाफ यह कार्रवाई केवल शुरुआत है—आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

