अपना देश भारत गरीब नहीं है बल्कि कुछ लोग भारत के धन को लूट लूट कर इसे गरीब बना रहे है और इस संगठित लूट में बड़े बड़े राजनेता, अधिकारी, कर्मचारी, इनके मातहत और इनके शह से काम करने वाले लोग है !
जनता के पैसे को बड़े नेताओं, भ्रष्ट अधिकारी, रिश्वत लेने वाले कर्मचारीयों ने गबन कर करके अपने पास जमा कर लिया है ।
अपने खजाने भर लिए है !! सिस्टम की जड़ों में बैठे ये लोग दीमक है ।
जिन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई को तिजोरियों और बेनामी संपत्तियों में तब्दील कर दिया है !
💯⚖️ नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की रातों-रात बढ़ती यह असीम संपत्ति देश के ईमानदार करदाताओं के हक की चोरी है।
एक अदना सा नेता सरपंच बनते ही अपने परिवार की कायापलट कर देता है।
प्रधान और विधायक तो अपनी आने वाली पीढ़ियों तक मामला सेट कर जाते है !
ऐसे ही कई कर्मचारी और अधिकारी जिनको रिश्वत लेने, चोरी करने, भ्रष्टाचार करने की आदत लग जाती है ।
वो भी अपने बच्चों और पोतों तक का इंतजाम कर देते है !
असल में भारत का सिस्टम ही ऐसा बन गया है।
जहां नैतिकता को या तो बेच दिया है या खूंटे पर टांग दिया गया है। जिसे पहनकर लोग समाज में जाते है ।
अपने जयकारे लगवाते है और फोटो खिंचवाते है !
अपना देश भारत वास्तव में संसाधनों और संभावनाओं से भरपूर देश है।
लेकिन भ्रष्टाचार और सत्ता के गलत इस्तेमाल ने इसे गरीब और असमानता भरा बना दिया है !
जब नेता और अधिकारी अपनी पावर का फायदा उठाकर जनता के पैसे और जमीनों का गबन करते हैं….
तो देश की वास्तविक ताकत का फायदा आम लोगों तक नहीं पहुँच पाता !
यही वजह है कि कई जरूरी चीजें, आर्थिक और सामाजिक मुद्दे आज भी जड़ पकड़कर बैठे है या दिनों दिन विकराल और खराब हो रहे है !
ऐसे में पारदर्शिता, जवाबदेही और जागरूक नागरिक ही बदलाव ला सकते हैं।
हम सब लोगों को ऐसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए और जीवन में भी नैतिकता बरतनी चाहिए और ईमानदारी की शुरुआत भी खुद से होनी चाहिए !!

