जालौन के इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय (46) की मौत की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है।
इस बीच इंस्पेक्टर की मौत से पहले महिला कॉन्स्टेबल मीनाक्षी शर्मा से झगड़े की बात सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला सिपाही से इंस्पेक्टर का अफेयर चल रहा था।
झगड़े की शुरुआत मीनाक्षी के बर्थडे के दिन (2 दिसंबर) से शुरू हुई थी।
मीनाक्षी इंस्पेक्टर से दूर अपने घर मेरठ में बर्थडे मनाने चली गई थी। इस बात से इंस्पेक्टर नाराज थे।
वो चाहते थे कि मीनाक्षी उनके साथ बर्थडे सेलिब्रेट करे।
लेकिन, मीनाक्षी ने ऐसा नहीं किया।
मीनाक्षी ने मेरठ में बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें जैसे ही वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाईं, इंस्पेक्टर अरुण नाराज हो गए।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच मोबाइल पर कहासुनी शुरू हो गई। जो अगले 3 दिन तक चलती रही।
इन 3 दिनों में दोनों के बीच कई वॉट्सऐप कॉल, वीडियो कॉल और मैसेजिंग हुई।
दोनों के बीच 3 दिनों में 100 से ज्यादा फोन पर बात हुई।
इनमें से ज्यादातर वीडियो कॉल की गईं।
लेकिन, फिर भी झगड़ा खत्म नहीं हुआ।
3 दिन तक चले झगड़े के बीच 5 दिसंबर की रात करीब 9 बजे मीनाक्षी मेरठ से जालौन लौटी।
इसके बाद वह सीधे इंस्पेक्टर अरुण के सरकारी आवास गई।
वहां दोनों के बीच जमकर बहस हुई, जिसका अंत अरुण की मौत से हुआ।
इस दौरान मीनाक्षी सिर्फ 3 मिनट इंस्पेक्टर के कमरे में रही। इंस्पेक्टर की मौत के बाद मीनाक्षी भागते हुए सीसीटीवी में कैद हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 5 दिसंबर की रात करीब 9 बजे मीनाक्षी मेरठ से सिपाही अंकित के साथ जालौन के कुठौंद लौटी।
9 बजे जब वो इंस्पेक्टर से मिलने उनके आवास पहुंची, तो पहले से ही तनाव भरा माहौल था।
इंस्पेक्टर ने मीनाक्षी से कुछ देर बैठकर बात करने को कहा।
लेकिन, मीनाक्षी तुरंत वापस जाने की जिद पर अड़ी रही।
इसी दौरान बहस बढ़ गई।
इंस्पेक्टर अरुण ने आवेश में आकर खुद को गोली मारने की बात कही।
इस पर मीनाक्षी ने तैश में आकर कहा- धमकी मत दो, अगर मारनी है, तो गोली मार लो।
इसी बहस के बाद गोली चली और इंस्पेक्टर की मौत हो गई।
गोली लगते ही मीनाक्षी घबराकर कमरे से बाहर निकली और चीखते हुए बोली कि साहब ने खुद को गोली मार ली है।
इसके बाद वह तुरंत किसी को कॉल करते हुए पैदल ही सड़क पर तेजी से जाती दिखी।

